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महान उर्दू शायर और उस्ताद मिर्ज़ा दाग़ देहलवी की जयंती के अवसर पर अदारा दबिस्तान-ए-जमशेदपुर की ओर से सोमवार शाम जवाहर नगर स्थित कार्यालय में एक शानदार शेरी निशस्त का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संरक्षक गौहर अज़ीज़ ने की।
उर्दू शायरी में दाग़ देहलवी के योगदान पर प्रकाश डालते हुए गौहर अज़ीज़ ने कहा कि उर्दू ज़बान और उर्दू शायरी दोनों को दाग़ देहलवी पर नाज़ है। उन्होंने कहा कि आज के दौर के शायर भी कहीं न कहीं दाग़ की परंपरा और उनके सिलसिले से जुड़े हुए हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत दाग़ देहलवी की मशहूर ग़ज़ल “तुम्हारे ख़त में नया एक सलाम किसका था” से हुई, जिसे सफ़ीउल्लाह सफ़ी ने अपनी आवाज़ में पेश किया। इसके बाद शुरू हुई शेरी निशस्त में शायरों ने अपनी चुनिंदा ग़ज़लें और अशआर पेश कर महफ़िल को देर रात तक गुलज़ार बनाए रखा।
महफ़िल में गौहर अज़ीज़, वलीउल्लाह वली, सद्दाम गनी, फ़रहान ख़ान फ़रहान, सफ़ीउल्लाह सफ़ी, सकलैन मुश्ताक, शोएब अख़्तर, सफ़दर हारून, हसरत निज़ामी, सरफ़राज़ शाद और सैफ़ अली सैफ़ ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर खूब दाद बटोरी।
देर रात तक चले इस साहित्यिक आयोजन का समापन फ़रहान ख़ान फ़रहान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


