Rina Kumar, Campus Boom.
पूर्वी सिंहभूम जिले के सुंदरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत चांगीरा, गितिलता की रहने वाली 21 वर्षीय रीता महतो अपने समुदाय में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाली रीता आज बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और शिक्षा के प्रति जागरूक करने का काम कर रही हैं। http://Campus Boom की विशेष श्रृंखला Change Maker of Society के इस कड़ी में पढ़े रीता महतो के प्रयास की कहानी।
रीता महतो वर्तमान में जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी रीता के पिता किसान हैं। परिवार और पढ़ाई की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने समुदाय में स्कूल अनियमितता की समस्या को गंभीरता से महसूस किया। कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रहे थे और शिक्षा से दूर होते जा रहे थे।
“अदीर फेलोशिप” से मिली समाज के लिए काम करने की प्रेरणा
रीता बताती हैं कि एक दिन उन्हें “अदीर फेलोशिप” कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली। इस कार्यक्रम से जुड़े युवा समुदाय में बदलाव लाने, बच्चों को नियमित स्कूल भेजने और पढ़ाई के लिए प्रेरित करने का काम कर रहे थे। इससे प्रेरित होकर उन्होंने भी इस पहल से जुड़ने का फैसला किया।
इसके बाद रीता ने अपने क्षेत्र के लड़के-लड़कियों और बच्चों से संपर्क करना शुरू किया। उन्होंने उन्हें “पीपल फॉर चेंज” कार्यक्रम के बारे में बताया और समाज में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। रीता के प्रयासों से कई बच्चे और युवा इस अभियान से जुड़कर “चेंजमेकर” बनने के लिए आगे आए।
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45 से अधिक लोगों तक पहुंचाया शिक्षा का संदेश
रीता ने अब तक पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवाओं और बच्चों समेत 45 से अधिक लोगों तक शिक्षा और जागरूकता का संदेश पहुंचाया है। वहीं 20 से अधिक बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिला है, जिनकी स्कूल उपस्थिति में सुधार आया है।
उन्होंने बच्चों को नियमित स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें सरकार द्वारा विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी। उनके प्रयासों से बच्चों और अभिभावकों में शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
पढ़ाई और समाज सेवा के बीच बना रहीं संतुलन
रीता कहती हैं कि कॉलेज की पढ़ाई के साथ बच्चों को पढ़ाना और उन्हें प्रेरित करना आसान नहीं है। सप्ताह में दो दिन वह बच्चों से मिलती हैं, उन्हें पढ़ाती हैं और स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। शुरुआत में बच्चों को पढ़ाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और आज वह एक सक्षम मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही हैं।
“मैं अपने समुदाय को शिक्षित करना चाहती हूं”
रीता महतो का सपना अपने समुदाय को शिक्षित और जागरूक बनाना है। उनका मानना है कि शिक्षा ही समाज में बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम है। सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण और मेहनत से वह काम कर रही हैं, वह अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।



