Navin Mandal.
गांव के एक साधारण युवक ने असाधारण पहल करते हुए नशे के खिलाफ एक सशक्त मुहिम छेड़ दी है। पूर्वी सिंहभूम के हितकू पंचायत के केदो गांव निवासी 21 वर्षीय बाबूलाल हेंब्रम आज अपने प्रयासों से युवाओं को नशे से दूर कर खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर रहे हैं। Campus Boom की विशेष श्रृंखला Change Maker of Society के आज की कड़ी में पढ़े एक छोटे से गांव के साधारण युवक बाबूलाल हेंब्रम की असाधारण पहल की कहानी, जिन्होंने खेल को माध्यम बनाते हुए नशा के खिलाफ एक बड़ा हथियार बना लिया है।
साधारण शुरुआत, बड़ा संकल्प
आईटीआई, चाईबासा से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बाबूलाल People For Change के साथ Adir Fellowship के तहत फेलो के रूप में काम कर रहे हैं। वे खुद को एक सामान्य व्यक्ति मानते हैं, लेकिन उनके कार्यों ने उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिलाई है।
नशे की समस्या से मिली प्रेरणा
बाबूलाल बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में उनके गांव का माहौल काफी बिगड़ गया था। कई युवा सार्वजनिक स्थानों पर भी नशे का सेवन करने लगे थे। यह स्थिति उन्हें लगातार परेशान करती थी और उन्होंने युवाओं को इस आदत से बाहर निकालने का संकल्प लिया।
फुटबॉल बना बदलाव का माध्यम
बाबूलाल ने युवाओं को नशे से दूर करने के लिए फुटबॉल को माध्यम बनाया। उन्होंने देखा कि जो युवा पहले खेल में सक्रिय थे, वे भी नशे की चपेट में आ गए थे। ऐसे में उन्होंने उन्हें फिर से मैदान से जोड़ने की पहल की।
शुरुआत आसान नहीं थी। पहले आयोजन में केवल 12 युवा ही मैदान पहुंचे, लेकिन बाबूलाल और उनकी टीम ने हार नहीं मानी। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से युवाओं से संपर्क किया और उन्हें खेल के लिए प्रेरित किया।
36 युवाओं की नियमित भागीदारी
लगातार प्रयासों के बाद अब 36 युवा नियमित रूप से फुटबॉल खेल रहे हैं। टीम ने नियम भी बनाए हैं कि नशे की हालत में किसी को मैदान में आने की अनुमति नहीं होगी। सामुदायिक बुजुर्गों के सहयोग से सार्वजनिक स्थानों पर नशे और अनुशासनहीनता पर भी रोक लगाने की दिशा में काम किया गया।
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समुदाय का मिला पूरा सहयोग
बाबूलाल की इस पहल को गांव के लोगों और ग्राम प्रधान का पूरा समर्थन मिला। ग्राम प्रधान ने युवाओं को फुटबॉल उपलब्ध कराकर इस अभियान को और मजबूती दी। खास बात यह रही कि अब गांव में लड़कियों को भी फुटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
फेलोशिप से मिला नया दृष्टिकोण
Adir Fellowship ने बाबूलाल को लोगों से संवाद करना, उनकी समस्याओं को समझना और समाधान की दिशा में काम करना सिखाया। अब वे गांव की बैठकों और कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और एक जिम्मेदार युवा के रूप में पहचाने जा रहे हैं।
नशामुक्त समाज की ओर कदम
बाबूलाल का लक्ष्य है—“नशामुक्त युवा, स्वस्थ समाज।” उनका मानना है कि खेल और सकारात्मक गतिविधियों के जरिए युवाओं को सही दिशा दी जा सकती है।
फैक्ट फाइल:
नाम: बाबूलाल हेंब्रम
उम्र: 21 वर्ष
निवास: केदो गांव, हितकू पंचायत, पूर्वी सिंहभूम
कार्य: नशामुक्ति अभियान (फुटबॉल के माध्यम से)
संबद्धता: People For Change, Adir Fellowship
उपलब्धि: 36 युवाओं को नियमित खेल से जोड़ा


