Riddhi.
तू ही तो मेरी माँ है!
मैं शिकायतें बहुत करती हूँ तुझसे,
क्योंकि तू ही तो दिखाती मुझे सही राह है।
पर लगाव भी उतना ही रखती हूँ तुझसे,
आख़िर तू ही तो मेरी माँ है।
तू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम है,
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी का क्या नाम है।
तेरी ममता का है गहरा असर,
तू ही मेरी दुनिया, तुझ बिन सूना ये जहाँ है।
तेरी गोद में सिर रखकर
मैं हर ग़म भूल जाती हूँ,
तेरी बातों से ही
हर मुश्किल से लड़ जाती हूँ।
तू मेरी ताकत है, तू ही मेरी पहचान,
तेरे बिना अधूरी है मेरी हर एक उड़ान।
तेरे हाथ का खाना आज भी याद आता है,
तेरी डाँट में भी तेरा प्यार झलक जाता है।
तूने ही सिखाया हर दर्द सहना,
तू ही तो है मेरी हर खुशी का गहना।
कैसे चुकाऊँ कर्ज तेरे बलिदानों का,
तूने ही तो बनाया मुझे इन अरमानों का।
तेरी दुआओं से ही मैं आगे बढ़ती हूँ,
तेरी ममता के साये में ही
मैं हर दिन सँवरती हूँ।
सच कहूँ तो बस इतना ही कहना है-
तू ही मेरी दुनिया,
तू ही मेरा जहाँ है…
क्योंकि तू ही तो मेरी माँ है।


