Who is Neha Bora: हाल के दिनों में राष्ट्र स्तरीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में हुई अनियमितता के मामलों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड के रांची तक छात्रों के आंदोलन ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। इन छात्र आंदोलनों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों के समर्थन में एक नाम है जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही हैं, वो है नेहा बोरा।
बीते दिनों, यानी 7 अगस्त को, नेहा बोरा झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को समर्थन देने के लिए रांची पहुंचीं। दरअसल, शुक्रवार को झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत हुई थी। इस दौरान छात्र नेता नेहा बोरा के नेतृत्व में करीब एक हजार से अधिक छात्रों और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा तक मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व अखिल भारतीय छात्र संगठन (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन- AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा कर रही थीं। मार्च के दौरान अचानक उन पर कथित तौर पर काली स्याही फेंकी गई।।
गौरतलब है कि नेहा बोरा ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। छात्रों की मांगों को लेकर एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जंतर-मंतर पर करीब 23 दिनों तक भूख हड़ताल की। पिछले कुछ दिनों में छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरीं नेहा बोरा लगातार चर्चा में हैं। आखिर कौन हैं नेहा बोरा? उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या है? वे छात्र आंदोलन की सबसे चर्चित नेताओं में कैसे शामिल हुईं? आइए, जानते हैं उनसे जुड़ी हर अहम जानकारी विस्तार से।
कौन हैं नेहा बोरा?
नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खातिमा शहर से हैं। उनके पिता भारतीय सेना में सेवारत रहें, इसलिए उनका बचपन भारत के कई अलग-अलग शहरों में बीता। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि सामाजिक मुद्दों, रंगमंच और छात्र गतिविधियों में रही। पढ़ाई के साथ ही साथ वे थिएटर से भी जुड़ी रहीं। उन्होंने शिक्षा और छात्र अधिकारों से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे वे राष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाने लगीं।
Neha Bora Education Qualification नेहा बोरा की शिक्षा
रिपोर्ट्स के अनुसार, नेहा बोरा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अपनी उच्च शिक्षा उन्होंने दिल्ली से ही पूरी करने का निर्णय लिया। उन्होंने दिल्ली के डॉ बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय से परास्नातक अर्थात मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में पीएचडी शोधार्थी हैं। शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पारदर्शिता और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें छात्र राजनीति का एक चर्चित चेहरा बना दिया है।
छात्र राजनीति और सामाजिक सक्रियता
नेहा बोरा लंबे समय से छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं। वे एआईएसए अर्थात ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में शिक्षा, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, छात्रवृत्ति, परीक्षा प्रणाली और छात्र अधिकारों जैसे विषयों पर लगातार आवाज उठाती रही हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों में आयोजित छात्र अभियानों और विरोध प्रदर्शनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
कब और कैसे आईं राष्ट्रीय चर्चा में?
वर्ष 2026 में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े आंदोलनों के दौरान नेहा बोरा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन में उन्होंने भाग लिया और लगभग 23 दिनों तक भूख हड़ताल भी की। इस आंदोलन के दौरान उनके भाषण, छात्र हितों से जुड़े बयान और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया में प्रमुख पहचान दिलाई।
हाल ही में झारखंड में छात्रों के एक कार्यक्रम के दौरान उन पर स्याही फेंकने की घटना भी हुई, जिसके बाद उनका नाम एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में आया। नेहा ने छात्र आंदोलनों के कारण राष्ट्रीय मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में प्रमुख पहचान बनाई।
किन मुद्दों पर करती हैं काम?
नेहा बोरा मुख्य रूप से शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा में पारदर्शिता, विश्वविद्यालयों में छात्र सुविधाएं, सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे विषयों पर सक्रिय रहती हैं।


