Rina Kumari.
समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने के लिए जब कोई युवा खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाता है, तो बदलाव की एक नई कहानी जन्म लेती है। हिटकू पंचायत के सौरव महतो भी ऐसे ही एक युवा हैं, जो बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के खिलाफ लगातार काम कर रहे हैं। Campus Boom के विशेष श्रृंखला Change Maker of Society में हम ऐसे ही युवाओं के प्रयासों लेकर आ रहे हैं जो अपने छोटे छोटे क़दमों से बड़ा परिवर्तन ला रहे हैं।
इसी कड़ी में आज पढ़िए सौरभ महतो की प्रेरणादायक कहानी जो पूर्वी सिंहभूम के हितकू पंचायत में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ शिक्षा को हथियार बनाकर जागरूकता की एक नई अलख जगा रहे हैं।
व्यक्तिगत अनुभव से मिली प्रेरणा
सौरव के इस अभियान की शुरुआत उनके अपने परिवार से जुड़ी एक घटना से हुई। उनकी मां का बाल विवाह हुआ था और उन्होंने अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया। अपनी मां की परेशानियों को करीब से देखने के बाद सौरव ने ठान लिया कि वे इस कुरीति के खिलाफ काम करेंगे, ताकि अन्य लड़कियों को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
शिक्षा को बनाया सबसे बड़ा हथियार
सौरव ने बाल विवाह रोकने के लिए शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम बनाया। उनका मानना है कि जब लड़कियां पढ़ाई से जुड़ी रहेंगी, तो उनके विवाह की जल्दबाजी स्वतः कम होगी।
इसी उद्देश्य से वे किशोर-किशोरियों, अभिभावकों, स्कूल शिक्षकों और पंचायत प्रतिनिधियों (PRI members) के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
समुदाय में बढ़ी जागरूकता
सौरव के प्रयासों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पहले जहां कई परिवार कम उम्र में बेटियों की शादी कर देते थे, वहीं अब अभिभावक शिक्षा के महत्व को समझने लगे हैं। वे अपनी बेटियों को कम से कम 12वीं तक पढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
युवाओं में भी आया बदलाव
सिर्फ अभिभावक ही नहीं, बल्कि किशोर और किशोरियां भी अब बाल विवाह के दुष्प्रभावों को समझने लगे हैं। वे अपनी पढ़ाई पूरी करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अधिक जागरूक हो रहे हैं।
छोटी शुरुआत, बड़ा असर
सौरव महतो की यह पहल भले ही छोटे स्तर से शुरू हुई हो, लेकिन इसका प्रभाव पूरे समुदाय में देखने को मिल रहा है। उनकी मेहनत और समर्पण ने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में उठाया गया एक कदम भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।
फैक्ट फाइल:

नाम: सौरव महतो
कार्य क्षेत्र: हितकू पंचायत
मुख्य कार्य: बाल विवाह रोकथाम
रणनीति: शिक्षा और जागरूकता
लक्षित समूह: किशोर-किशोरी, अभिभावक, शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि


