के. दुर्गा राव, सरायकेला।
झारखंड की युवा खिलाड़ी पायल कुमारी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत के दम पर खेल जगत में लगातार नई पहचान बना रही हैं। एथलेटिक्स और हैंडबॉल जैसे दो अलग-अलग खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर उन्होंने न केवल अपने जिले बल्कि पूरे राज्य का गौरव बढ़ाया है। कम उम्र में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पायल ने खेल प्रेमियों और प्रशिक्षकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
एथलेटिक्स में पायल की सफलता का सफर वर्ष 2023 में आयोजित पूर्वी सिंहभूम जिला एथलेटिक्स चैंपियनशिप से शुरू हुआ। अंडर-14 वर्ग में उन्होंने 60 मीटर दौड़, लंबी कूद और शॉटपुट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद वर्ष 2024 में अंडर-16 वर्ग की 600 मीटर दौड़ में द्वितीय तथा शॉटपुट स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी निरंतरता साबित की।
रांची में आयोजित जूनियर राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2024 में पायल ने 600 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर राज्य स्तर पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। वहीं झारखंड इंटर स्कूल एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024-25 में जूनियर गर्ल्स वर्ग की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण तथा 200 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया। वर्ष 2025 में सीनियर गर्ल्स वर्ग की 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा।
ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ पायल ने हैंडबॉल में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। जनवरी 2025 में महाराष्ट्र के ठाणे में आयोजित एसजीएफआई राष्ट्रीय अंडर-17 हैंडबॉल चैंपियनशिप में उन्होंने झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद अक्टूबर 2025 में हैदराबाद में आयोजित 17वीं मिनी राष्ट्रीय हैंडबॉल चैंपियनशिप में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
दुमका में आयोजित 11वीं सीनियर राज्य हैंडबॉल चैंपियनशिप में उनकी टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं मई 2026 में जमशेदपुर में आयोजित प्रथम सब-जूनियर गर्ल्स हैंडबॉल चैंपियनशिप में भी उन्होंने प्रभावशाली खेल का प्रदर्शन कर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
झारखंड इंटर स्कूल हैंडबॉल चैंपियनशिप में भी पायल का प्रदर्शन सराहनीय रहा। वर्ष 2024 में जूनियर गर्ल्स वर्ग और वर्ष 2025 में सीनियर गर्ल्स वर्ग में उनकी टीम ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
लगातार मिल रही सफलताओं ने पायल कुमारी को राज्य की उभरती हुई खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलने पर वह भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड तथा देश का नाम रोशन कर सकती हैं। उनकी उपलब्धियां आज क्षेत्र की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।


