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भारतीय धातु संस्थान (आईआईएम), जमशेदपुर चैप्टर की ओर से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 14वीं आईआईएम जमशेदपुर वार्षिक धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान क्विज (IIM Jsr AM2Q-2026) का आयोजन 25 अगस्त को किया जाएगा। प्रतियोगिता दोपहर दो बजे से बर्मामाइंस स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल) के सभागार में होगी।
स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाना उद्देश्य
आयोजकों के अनुसार, वार्षिक क्विज आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर की प्रमुख शैक्षणिक आउटरीच पहल है। इसका उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान के प्रति रुचि और जागरूकता विकसित करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को धातु, मिश्रधातु, उन्नत पदार्थ और पदार्थ प्रौद्योगिकी की आधुनिक समाज एवं तकनीकी विकास में भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े होंगे प्रश्न
क्विज में धातुकर्म, पदार्थ विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित विद्यार्थियों की जागरूकता, वैचारिक समझ और सामान्य ज्ञान को परखने वाले प्रश्न शामिल होंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, विश्लेषणात्मक सोच और दैनिक जीवन में पदार्थों की भूमिका को समझने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की आधारशिला है पदार्थ विज्ञान
आयोजकों ने बताया कि धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान इस्पात एवं विनिर्माण, परिवहन, ऊर्जा, एयरोस्पेस, रक्षा, परमाणु प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इन विषयों की समझ विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों से परिचित कराने में सहायक हो सकती है।
डॉ. राव और डॉ. मीना कर रहे समन्वय
कार्यक्रम का समन्वयन सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिक-डी डॉ. मुदिला धनुंजय राव और वैज्ञानिक-ई डॉ. ललित कुमार मीना कर रहे हैं। आयोजन आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर के चेयरपर्सन एवं टाटा स्टील के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर डॉ. अतनु रंजन पाल तथा चैप्टर के सचिव एवं सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिक-जी डॉ. गोपी किशोर मंडल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
विद्यालयों से विद्यार्थियों की भागीदारी की अपील
डॉ. अतनु रंजन पाल एवं डॉ. गोपी किशोर मंडल ने जमशेदपुर और आसपास के विद्यालयों से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को क्विज में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह की पहल विद्यार्थियों को धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान को अध्ययन और करियर के एक संभावनाशील क्षेत्र के रूप में समझने के लिए प्रेरित कर सकती है।


