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जमशेदपुर में साहित्यिक संस्था हुलास परिवार की ओर से रविवार को तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में वार्षिक सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम ‘सावन-मनभावन सह हुलास गौरव सम्मान’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों एवं शहर के प्रबुद्धजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि तुलसी भवन के मानद महासचिव प्रसेनजीत तिवारी एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद उपासना सिंहा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अजय मुस्कान ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि अध्यक्ष श्यामल सुमन ने स्वागत भाषण दिया।
समारोह का मुख्य आकर्षण ‘हुलास गौरव सम्मान’ रहा। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ साहित्यकार विजय नारायण सिंह ‘बेरुका’ को इस वर्ष के सम्मान से विभूषित किया गया। संध्या सिन्हा ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया और जय प्रकाश पांडेय ने उन्हें सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद विजय नारायण सिंह ‘बेरुका’ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोजकों के प्रति आभार जताया।
मुख्य अतिथि प्रसेनजीत तिवारी ने हुलास परिवार के साहित्यिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना और साहित्य के प्रति अनुराग को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दूसरे सत्र में ‘सावन-मनभावन’ कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। हरकिशन ‘चावला’ ने सावन की भावभूमि पर प्रकाश डालते हुए कवि सम्मेलन की शुरुआत की। शहर के जाने-माने कवियों और कवयित्रियों ने सावन, प्रकृति, प्रेम और विविध मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं का पाठ कर माहौल को साहित्यिक रंग से सराबोर कर दिया।
कवि सम्मेलन में श्यामल सुमन, हरकिशन ‘चावला’, विजय ‘बेरुका’, डॉ. संध्या सिन्हा, दीपक वर्मा, रजनी, अजय मुस्कान, नवीन अग्रवाल, बसंत जमशेदपुरी, सी.पी. सिंह, बाल मुकुट चौधरी, नीलम्बर चौधरी, आलोक तिवारी, हरिहर राय चौहान, बिनोद बेगाना, शिवनन्दन सिंह, सुदीप्ता जेठी राउत, सुस्मिता मिश्रा, उपासना सिंहा, साधना सिंह, वीणा कुमारी, प्रणती शरण, कुमार मनीष, उषा किरण चावला और रूपम वर्मा ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कवियों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं और पूरा सभागार साहित्यिक उल्लास से गूंजता रहा। अंत में रजनी एवं दीपक वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया।


