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महात्मा गांधी के जमशेदपुर आगमन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रविवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गांधी के सत्य, अहिंसा, नैतिकता, सद्भाव और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विचारों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान ‘झारखंड में महात्मा गांधी’ पुस्तक का लोकार्पण, पैनल डिस्कशन तथा विद्यार्थियों के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में बांग्ला की प्रख्यात लेखिका जोया मित्रा ने गांधी के सत्याग्रह और अहिंसा के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने युवाओं से सामाजिक मुद्दों पर जागरूक रहने और अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधी का रास्ता सत्य, संयम और अहिंसा के माध्यम से चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है।
सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल ने गांधी के विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता या किसी भी चुनौती का मुकाबला सत्य और साहस के साथ किया जा सकता है। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण ताकत बताया तथा वर्तमान समय में आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गांधीवादी समाजसेविका मनीषा बनर्जी ने कहा कि गांधी ने जीवनभर हिंसा और नफरत के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सवाल पूछने और सामाजिक मुद्दों पर संवाद करने की जरूरत है। युवाओं को गांधी के सत्याग्रह, अहिंसा और नैतिक साहस से प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस अवसर पर टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम, झारखंड सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष शंकर राणा तथा पत्रकार एवं इप्टा से जुड़े पंकज श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे।
‘झारखंड में महात्मा गांधी’ पुस्तक का लोकार्पण
समारोह में डॉ. सुखचंद झा द्वारा लिखित पुस्तक ‘झारखंड में महात्मा गांधी’ का लोकार्पण किया गया। लेखक ने कहा कि पुस्तक के लेखन के दौरान उन्हें गांधी के विचारों और यात्राओं को समझने का अवसर मिला। उन्होंने पुस्तक में उपलब्ध तथ्यों के यथासंभव वास्तविक संकलन का प्रयास किया है।
पुस्तक के प्रकाशक सर्व सेवा संघ प्रकाशन के संयोजक अशोक भारत ने प्रकाशन संस्था के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि साहित्य के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन की उदार परंपराओं और मूल्यों से परिचित कराना जरूरी है।
मीडिया के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा
समारोह में ‘मीडिया डिबेट का बदलता स्वरूप’ विषय पर पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया। इसमें युवा विचारक आयुष चतुर्वेदी, समाजसेवी मंथन एवं पूर्वी पाल तथा नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के व्याख्याता अनमोल ने विचार रखे। संवाद का संचालन शुभम तन्मय ने किया। चर्चा में मीडिया में बदलते विमर्श, डिजिटल माध्यमों, सामाजिक संवाद और खबरों की प्रस्तुति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
महात्मा गांधी के जमशेदपुर आगमन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए गांधी को संबोधित पत्र लेखन, स्लोगन और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भाविका मुर्मू, शुभांगी सामद, ऐश्वर्या पराशर, वर्षा, कोमल कुमारी, संतोषी मांझी, सुरभि हरपाल एवं सुनया चंद्रा को प्रमाण पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में लिटिल स्टार के बच्चों ने गीत प्रस्तुत किया। स्वागत ओम प्रकाश, धन्यवाद ज्ञापन अंकुर शाश्वत तथा संचालन अरविंद अंजुम ने किया। समारोह को सफल बनाने में अर्पिता, रईस अफरीदी, विकास कुमार, निलेश, निशान सिंह, प्रेम शर्मा, स्वाति, पूजा कुमारी, प्रदीप रजक, विवेक कुमार, विक्रम, ज्ञानदीप सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।


