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करनडीह स्थित एलबीएसएम कॉलेज, जमशेदपुर में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर पीसी-पीएनडीटी अधिनियम विषय पर एक जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सदर अस्पताल जमशेदपुर की ओर से महाविद्यालय के आईक्यूएसी, एनसीसी एवं एनएसएस के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ कमलेश कुमार प्रसाद ने कहा कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रूण हत्या एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है। लिंग जांच कराने वाले दोषियों को पांच वर्ष तक की सजा एवं लाखों रुपये का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल द्वारा लड़कियों के हित में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं तथा इसके लिए एक स्थायी कर्मचारी भी नियुक्त है।
मुख्य अतिथि डॉ रंजीत पंडा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में लड़कियों के लिए लिंग आधारित जागरूकता बेहद जरूरी है। वहीं नमिता ठाकुर ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मकसद भ्रूण हत्या के प्रति जागरूकता फैलाना, अवैध अल्ट्रासाउंड का विरोध करना तथा सरकार द्वारा उपलब्ध सहायता योजनाओं की जानकारी देना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार झा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि भ्रूण हत्या समाज के लिए अभिशाप है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में लड़का-लड़की के बीच भेदभाव नहीं होता, जबकि अन्य समाजों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ दीपांजय श्रीवास्तव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ विनय कुमार गुप्ता ने प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ विजय प्रकाश, डॉ मौसमी पॉल, प्रो. बिनोद कुमार, प्रो. पुरुषोत्तम प्रसाद, प्रो. संतोष राम, प्रो. विकास मुंडा, डॉ कमलेश कुमार कमलेन्दु सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

