Campus Boom.
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति, उत्साह और ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ भव्य रूप से मनाया गया। समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ एवं राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत प्रस्तुति के साथ हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. इला कुमार ने बिष्टुपुर एवं सिदगोड़ा परिसर में ध्वजारोहण किया।
एनसीसी कैडेट्स के साथ बीएड, बीपीएड विभाग की छात्राओं एवं एवरग्रीन के कर्मचारियों ने अनुशासित एवं गरिमामय परेड के माध्यम से राष्ट्रध्वज को सलामी दी। पूरे परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का माहौल रहा। समारोह में देश के वीर सैनिकों, शहीदों एवं उनके परिवारों के सर्वोच्च त्याग को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया गया।
प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बनेगा विकसित भारत : कुलपति
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. डॉ. इला कुमार ने कहा कि “विकसित भारत केवल आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल प्रगति से निर्मित नहीं होगा, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान-परंपरा, संस्कार और जीवन-मूल्यों को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टि एवं तकनीकी नवाचार के साथ समन्वित करके ही विकसित भारत की परिकल्पना को राष्ट्र के संकल्प में परिणत किया जा सकता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र का भविष्य निर्माता बताते हुए अपनी प्रतिभा, ज्ञान और ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।
कुलपति ने कहा कि जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण के साथ नई शैक्षणिक ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करते हुए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के प्रथम एनईपी बैच की शैक्षणिक यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह 8 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।
उन्होंने विश्वविद्यालय में एमए इन मास कम्युनिकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग एवं जीएसटी से संबंधित प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों, शोध एवं प्रकाशन तथा विभिन्न नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान, कौशल, तकनीक और संस्कारों के समन्वय से छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है।
बिष्टुपुर परिसर हुआ ड्रग-फ्री कैंपस घोषित
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय के बिष्टुपुर परिसर को ड्रग-फ्री कैंपस घोषित किया गया। डीएसडब्ल्यू डॉ. किश्वर आरा ने छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को नशा-विरोधी शपथ दिलाई। वहीं एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. डी. पुष्पलता ने ‘बायोटॉक्सा’ ड्रग एनालाइजर मशीन का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर एनएसएस एवं एनसीसी की सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की सराहना की गई। खेल के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय उपलब्धियों और छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया।
जलियांवाला बाग और शहीद उधम सिंह की गाथा ने किया भावुक
समारोह का समापन इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। छात्राओं ने नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और भारत की अदम्य शक्ति का संदेश दिया।
श्रीमती सुधा दीप के निर्देशन में बीएड की छात्राओं ने जलियांवाला बाग हत्याकांड और शहीद उधम सिंह की प्रतिज्ञा पर आधारित प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी। स्नातक एवं बीएड की छात्राओं ने संयुक्त रूप से ‘वंदे मातरम्’ पर नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं डॉ. शालिनी प्रसाद के निर्देशन में मास कम्युनिकेशन की छात्राओं ने नृत्य के माध्यम से राष्ट्रीय प्रतीकों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
एनएसएस एवं एनसीसी की छात्राओं ने सामूहिक देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत कर समारोह में जोश भर दिया। प्रस्तुतियों को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।
छात्राओं से राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने का आह्वान
समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की छात्राएं ज्ञान, संस्कार, तकनीक और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगी तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर ने किया। मंच संचालन डॉ. पुष्पा कुमारी एवं डॉ. नूपुर अन्विता मिंज ने किया।
इस अवसर पर डॉ. किश्वर आरा, डॉ. रमा सुब्रह्मण्यम, डॉ. दीपा शरण, डॉ. अन्नपूर्णा झा, डॉ. सुधीर साहू, राजेंद्र जायसवाल, डॉ. सनातन दीप, डॉ. ग्लोरिया पूर्ति, डॉ. रत्ना मित्रा, डॉ. रिजवाना परवीन, डॉ. कामिनी, डॉ. अमृता, डॉ. सोनाली सिंह, डॉ. रूपाली पात्रा, डॉ. संजय भुइयां, डॉ. त्रिपुरा झा, सुश्री तेजा, डॉ. प्रभात, गोपाल, डॉ. सौरभ, डॉ. हेमंत सहित अन्य शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित थीं।


