कैंपस समर इवेंट 2025 के लिए विद्यार्थियों की ओर से एक से बढ़कर एक रचना प्राप्त हो रही है. इस इवेंट और प्रतियोगिता का एक मात्र उद्देश्य आप सभी विद्यार्थियों को एक मंच प्रदान करना है, जहां आप अपनी रचनाशीलता को प्रस्तुत कर सकें. इसलिए जिन भी विद्यार्थियों की रचना जिस रूप में मिल रही है, उसे उसी रुप में प्रकाशित, प्रसारित किया जा रहा है. कैंपस बूम की ओर से कोई एडिटिंग नहीं की जा रही है. प्रकाशित हो रहे कविता को ही आने वाली कविता संग्रह पुस्तक में चयन के आधार पर जगह दी जाएगी. आज की कड़ी में पढ़िए छोटा गोविंदपुर जमशेदपुर के विवेक विद्यालय के 10वीं ए में पढ़ाई कर रहे छात्र जीत सरकार की यह कविता.
“वो अग्नि जो बुझी नहीं”
(The Flame That Never Went Out)
मैं ना हूँ कोई तराशा हुआ आदर्श,
ना ही जन्मा किसी भाग्य के स्पर्श।
पर मेरी हड्डियों की नस-नस में,
एक ऐसा संकल्प पलता है, जो अकेला भी चलता है।
दुनिया भले मुझ पर हँसे, मुझे अनदेखा कर दे,
पर मेरे भीतर एक तूफ़ान है, जो हर हद से लड़ दे।
मैं उस चकाचौंध के पीछे नहीं भागता,
बल्कि तूफ़ानों से गुजरकर, खुद को नायक बनाता।
मेरे ज़ख्म स्याही बन चुके हैं, मेरी आत्मा — एक पन्ना,
हर चोट एक कविता, हर दर्द एक वाक्य बना।
मैंने हताशा से साहस को बुन लिया,
और वहाँ खड़ा हुआ जहाँ औरों ने घुटने टेक दिया।
मैं तालियों की गूंज के लिए नहीं बना,
ना ही दुनिया की सोच में ढलने को तैयार हूँ मैं।
रात के सन्नाटों में, जब सब सोते हैं,
मैं अपनी सच्चाई को उजालों में पिरोता हूँ।
कोई तक़दीर मेरी कहानी नहीं लिखेगी,
मैं अपनी क़िस्मत खुद रचूँगा — धीरे और निडर।
अगर मैं गिर भी पड़ा, तो गर्व से गिरूँगा,
क्योंकि मैंने डर के आगे सपनों को जिया है खुलकर।
मुझे मत आँको इन रुझानों की नजरों से,
मैं वो अग्नि हूँ जो रुकती नहीं,
एक स्वर, एक शपथ, एक अस्मिता की पुकार —
जो झुकती नहीं, और टूटती नहीं।
नोट: वीआर मीडिया एंड प्रोडक्शन के सहयोग से आयोजित कैंपस समर इवेंट कॉम्पिटिशन 2025 में आप भी हिस्सा ले सकते हैं. अगर आप कक्षा तीसरी से बारहवीं के विद्यार्थी हैं और हिंदी कविता, कहानी लिखते हैं, तो आपके लिए यह सुनहरा अवसर है. आप भी अपनी स्वलिखित कविता कहानी आज ही लिख भेजिए. अधिक जानकारी के लिए इस लिंक Summer Event 2025: क्या आप भी है रचनाकार, तो आपके सपनों को कैंपस करेगा साकार, पुस्तक में छपने का मिलेगा अवसर, लिख भेजिए अपनी कविता-कहानी पर जाकर देखें.



