Campus Boom.
जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी के बीएड प्रशिक्षु छात्राओं और विद्यालय शिक्षकों का रोचक प्रयास, बच्चों को मिली कैरियर में आगे बढ़ते रहने की समझ
बढ़ते बच्चों में बेहतर समझ और व्यक्तित्व निर्माण में मातृभाषा और अन्य भाषाओं समुचित ज्ञान अहम योगदान निभाता है। वही रोजाना नए नए शब्दों को सीखते हुए अपने शब्दकोश को बढ़ाते जाना किसी भी भाषा पर पकड़ बनाने का सबसे बेहतर तरीका है। जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके में स्थित पीएमश्री उच्च विद्यालय, खुकड़ाडीह नवाचारों के माध्यम से बच्चों के प्रतिभा को विकसित करने हेतु लगातार सक्रिय है। विद्यालय में जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी की बीएड प्रशिक्षु शिक्षकाओ व अंग्रेजी शिक्षिका भारती दुबे के नेतृत्व में स्पेल बी इंटरहाउस प्रतियोगिता आयोजित किया गया।
लगभग 10 दिन तक चले आयोजन में विद्यालय के अलग अलग हाउस के बच्चों ने अंग्रेजी के लगभग 200 शब्दों को सीखा और उसे अपने समझ के अनुसार से वाक्यों में प्रयोग करने का अभ्यास किया। विद्यालय के शिवाजी, टैगोर, अशोका और रमन हाउस के बीच आयोजित इंटर हाउस प्रतियोगिता के फाइनल में सबसे ज्यादा शब्दों को सीखने वाले सात बच्चे फाइनल में पहुंचे थे। शनिवार को समूचे विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति में खेले गए फाइनल राउंड के खेल में राजीव दास (वर्ग – 8) प्रथम रहे, वही प्रतिमा दास ( वर्ग – 9 ) द्वितीय और रवि हांसदा ( वर्ग – 10) तृतीय स्थान पर रहे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरुण कुमार एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार ने बच्चों को प्रशस्ति पत्र और शैक्षणिक कीट देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए बताया गया कि “हमें रोजमर्रा के जीवन में नियमित तौर पर हर भाषा के पत्र पत्रिकाएं, कहानियां व किताब पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। किसी भी नई भाषा को सीखने की शुरुआत एक – एक शब्द सीखने से होती है, लगभग 5 हजार शब्द सीख लेने पर भाषा पर हमारी पकड़ अच्छी होती जाती है। अंग्रेजी और हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ हमें आनेवाले प्रतियोगी माहौल के लिए बेहतर बनाता है।”
स्पेल बी प्रतियोगिता का संचालन जमशेदपुर विमेंस कॉलेज की बीएड छात्रा शिक्षिका सौमी मुखर्जी ने किया। वही रश्मि प्रधान, उपासना प्रधान, अनिशा सांगा, कविता दास, सुजीता कुमारी, रचिता राय और अन्य छात्राओं ने उनका भरपूर साथ दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद अब अंग्रेजी के साथ- साथ हिंदी भाषा और सामान्य ज्ञान पर आधारित कार्यक्रमों का भी नियमित आयोजन किया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा बच्चों में भाषा की बेहतर समझ बन सकेगी।