Campus Boom.
उत्क्रमित उच्च विद्यालय झांझीया में आज हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। विद्यालय परिसर में सर्वप्रथम उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विद्यालय प्रांगण से होते हुए पोषक क्षेत्र में भव्य प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें बच्चों ने खेल महोत्सव की भावना को जीवंत करने वाले कई आकर्षक नारे लगाए।
छात्र-छात्राओं ने प्रभातफेरी के दौरान “खेलेंगे, जीतेंगे, आगे बढ़ेंगे हम”, “स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मस्तिष्क – खेलें और पढ़ें हम”, “खेलों में भाग लें, स्वस्थ बनें, आगे बढ़ें” और “जीतने के लिए नहीं, खेलने के लिए खेलें” जैसे नारे गूंजाए। पूरे माहौल में खेल महोत्सव की उमंग और जोश स्पष्ट झलक रहा था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आदित्य करन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा “मेजर ध्यानचंद न केवल हॉकी के जादूगर थे बल्कि अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के सच्चे प्रतीक थे। उनकी जीवन यात्रा हमें सिखाती है कि खेल केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि खुद को निखारने और समाज में एकता की भावना जगाने का माध्यम है। हमारे बच्चे यदि खेल और शिक्षा दोनों में संतुलन बनाएँगे, तो निश्चित रूप से भविष्य में नई ऊँचाइयों को छू सकते हैं।”
इस मौके पर शारीरिक शिक्षक संदीप कुमार अधिकारी ने भी खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल से बच्चों में टीम भावना, सहनशीलता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आज से विद्यालय में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की भी शुरुआत की गई, जिसमें छात्र-छात्राएँ बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। खेल महोत्सव को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया।