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सीएसआईआर-नेशनल मेटालर्जिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनएमएल) ने फिनोम इंडिया–सीएसआईआर हेल्थ कोहोर्ट नॉलेजबेस (पीआई-चेक) परियोजना के अंतर्गत सैंपल संग्रहण और स्कैनिंग के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा शुरू की गई यह पैन-इंडिया पहल सीएसआईआर के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा उनके जीवनसाथियों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक अध्ययन करने का लक्ष्य रखती है।
वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार की दुनिया से अवगत हुए घाटशिला के विद्यार्थी
पीआई-चेक परियोजना के तहत प्रत्येक प्रतिभागी का नैदानिक, जीवनशैली, आहार और शारीरिक कारकों के साथ-साथ बॉडी कंपोजिशन, इमेजिंग, बायोकेमिकल और आणविक परीक्षणों से संबंधित विस्तृत डाटा संग्रहित किया जाता है। सीएसआईआर-एनएमएल में सैंपल संग्रहण का पहला चरण मार्च 2024 में आयोजित हुआ था, जबकि दूसरा चरण 23 अगस्त 2025 से शुरू होकर छह दिनों तक चला। इस दौरान लगभग 390 प्रतिभागियों ने पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण में भाग लिया और अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
सीएसआईआर-आईजीआईबी, सीएसआईआर-एनसीएल और सीएसआईआर-आईआईसीबी के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं की समर्पित टीम ने, एनएमएल कोहोर्ट टीम और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर, इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन समारोह के दौरान, सीएसआईआर-एनएमएल के उन्नत सामग्री एवं संक्षारण प्रभाग के प्रमुख तथा मुख्य वैज्ञानिक डॉ रघुबीर सिंह ने इस परियोजना की रूपांतरणकारी क्षमता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “यह अग्रणी पहल भारतीय मानकों के लिए रेफरेंस रेंज स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रिसीजन मेडिसिन में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी।”
मुख्य वैज्ञानिक डॉ टी मिश्रा ने स्वास्थ्य मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अध्ययन की भूमिका को रेखांकित किया। प्रशासन नियंत्रक श्री जय शंकर शरण ने व्यवस्थित चिकित्सा अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला, वहीं वित्त एवं लेखा अधिकारी श्री पंकज कुमार ने इस परियोजना के व्यक्तिगत स्वास्थ्य मूल्यांकन पर प्रभाव को रेखांकित किया। प्रशासनिक अधिकारी श्री विप्लव विशाल ने मात्र दो से तीन घंटे में अनेक परीक्षण पूरे करने की सुविधा की सराहना की।
कार्यक्रम की सफलता के पीछे प्रमुख भूमिका निभाने वाली डॉ. अंसु जे. कैलाथ, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं सीएसआईआर-एनएमएल में कोहोर्ट परियोजना की समन्वयक, ने कोहोर्ट टीम के सदस्यों—डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. कृष्णा कुमार, डॉ. रोशन कुमार, डॉ. निखिल कुमार, डॉ. नवनीत सिंह रंधावा, और कोगापु सुधाकर राव—के समर्पण की प्रशंसा की।
सीएसआईआर-आईजीआईबी की डॉ. अंकिता साहू के नेतृत्व वाली आगंतुक टीम और सीएसआईआर-एनएमएल की चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह के नेतृत्व वाली चिकित्सा टीम को दी गई, जिन्होंने निरंतर सहयोग प्रदान किया। पूरी टीम ने कार्यक्रम के पीछे प्रेरणास्रोत सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की। आभार स्वरूप, आगंतुक टीम के सदस्यों को स्मृति-चिह्न भेंट किए गए।